पाकिस्तान ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए संवाद पर ज़ोर दिया
पाकिस्तान ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए संवाद पर ज़ोर दिया

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और एक-दूसरे को धमकियाँ देने के बीच, पाकिस्तान ने क्षेत्र में संघर्षों को शांत करने के लिए संवाद की अपनी अपील दोहराई।
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक दार ने आज शनिवार एक्स (X) पर एक पोस्ट में संवाद और कूटनीति के महत्व पर ज़ोर दिया।
उन्होंने 'साझा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों को निपटाने और उनके आर्थिक व सामाजिक प्रभावों को कम करने के लिए निरंतर संपर्क' की भी अपील की।
शांति को आगे बढ़ाना
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जो महीनों से अमेरिकन और ईरानी पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और अब भी कर रहा है, 'तुर्की और सभी मित्र राष्ट्रों के साथ मिलकर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए काम जारी रखेगा।'
दार ने बताया कि उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान के साथ एक संयुक्त बैठक की, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से अभिवादन पहुंचाया और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि की। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय चौकड़ी के देशों और यूरोपीय देशों के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय चर्चाओं की एक श्रृंखला भी की, ताकि द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों और क्षेत्रीय स्थिरता को सुदृढ़ किया जा सके।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान विदान के साथ
यह इस्तांबुल की यात्रा के समापन के बाद हुआ, जहां उन्होंने 'क्षेत्रीय चौकड़ी' (जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की शामिल हैं) की छठी मंत्रीस्तरीय बैठक में भाग लिया, और इसके बाद यूरोपीय ट्रायका देशों के साथ-साथ ब्रिटेन और इटली के विदेश मंत्रियों के साथ एक व्यापक बैठक हुई।
तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और पाकिस्तान (R4 समूह) के विदेश मंत्रियों ने फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्रियों के साथ इस्तांबुल में हुई बैठक में कल अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष पर चर्चा की, साथ ही यमन का मामला और हौथी मिलिशिया के हमलों पर विचार-विमर्श किया, और हर्मुज़ जलसन्धि, बाब अल-मन्डेब और काला सागर में नौवहन की सुरक्षा व स्वतंत्रता के मुद्दों को उठाया। उन्होंने क्षेत्र और उससे बाहर शांति व स्थिरता को बढ़ाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में योगदान जारी रखने और इन मुद्दों से जुड़ी सुरक्षा, आर्थिक व व्यापारिक परिणामों से निपटने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
मंत्रियों ने क्षेत्रीय विवादों को संवाद, कूटनीति और तनाव घटाने के माध्यम से तात्कालिक रूप से सुलझाने की ज़रूरत पर सहमति जताई। उन्होंने संबंधित संयुक्त राष्ट्र निर्णयों के संदर्भ में सभी मौजूदा विवादों के लिए बातचीत-आधारित स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।



